
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo Airlines और दिग्गज ऑटोमेकर Mahindra Electric के बीच ‘6E’ trademark को लेकर जंग तेज़ हो गई है। दोनों कंपनियों के बीच mediation की कोशिशें नाकाम रही हैं और अब मामला Delhi High Court में चल रहा है।
🔍 IndiGo 6E Trademark Dispute – आखिर मामला क्या है?
IndiGo का कहना है कि “6E” उनके brand identity का हिस्सा है, जो साल 2006 से लगातार इस्तेमाल हो रहा है। एयरलाइन अपने कोड “6E” को flight number, 6E Prime, 6E Flex, और 6E Rewards जैसी सर्विसेज़ में इस्तेमाल करती है। यानी, “6E” सिर्फ एक कोड नहीं बल्कि IndiGo की brand identity बन चुका है।
दूसरी ओर, Mahindra Electric ने अपने आने वाले electric car model के लिए “BE 6e” नाम इस्तेमाल किया था, जिससे IndiGo को आपत्ति हुई। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं में confusion पैदा हो सकता है कि दोनों कंपनियों का आपस में कोई connection है।
🚗 Mahindra BE 6e Launch Date और Mahindra की सफाई
Mahindra Electric, जो Mahindra & Mahindra की subsidiary कंपनी है, ने “BE 6e” नाम को Class 12 (Motor Vehicles) में register करवाया था। Mahindra का कहना है कि उनका trademark IndiGo से पूरी तरह अलग है क्योंकि यह cars के लिए है, जबकि IndiGo का trademark airline services से जुड़ा है।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद Mahindra ने अपने electric vehicle का नाम “BE 6” कर दिया है और court को भरोसा दिलाया है कि वो “BE 6e” नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे — जब तक case चल रहा है।
Mahindra BE 6e launch date को लेकर अभी कोई official जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कंपनी के Born Electric Series के तहत इसे जल्द launch किया जा सकता है।
⚖️ Court Update – अगली Hearing फरवरी 2026 में
Delhi High Court ने मामले की अगली hearing 3 February 2026 को तय की है। Court ने दोनों कंपनियों को अपने-अपने documents submit करने और एक joint schedule तैयार करने का आदेश दिया है। Mahindra को यह भी अनुमति दी गई है कि अगर IndiGo नए documents जमा करती है, तो वो अपनी ओर से नया affidavit दाखिल कर सके।
🌐 IndiGo Web Check-in और Brand Protection की अहमियत
IndiGo आज भारत की सबसे भरोसेमंद airlines में से एक है — लाखों यात्री रोज़ इसके web check-in feature का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में, इसका “6E” brand name ग्राहकों के दिमाग में गहराई से बैठ चुका है। यही वजह है कि कंपनी इसे लेकर इतनी सतर्क है।
💡 Trademark Search से सीख – क्यों ज़रूरी है Brand Protection
यह case दिखाता है कि आज के समय में trademark search और brand protection कितनी अहम हो गई है। अलग-अलग sectors की कंपनियों के बीच भी नामों को लेकर confusion पैदा हो सकता है, जिससे legal disputes खड़े हो जाते हैं।
IndiGo और Mahindra का यह ‘6E’ dispute आने वाले समय में cross-industry trademark law को लेकर एक मिसाल बन सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि फरवरी 2026 में court किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।
📰 निष्कर्ष:
IndiGo और Mahindra, दोनों अपने-अपने sectors में दिग्गज नाम हैं। लेकिन एक छोटा-सा trademark ‘6E’ अब इनके बीच legal battle का कारण बन गया है। यह विवाद सिर्फ एक नाम का नहीं, बल्कि brand value और consumer identity की लड़ाई है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी हमें मीडिया तथा अतिरिक्त सोशल मीडिया स्रोतों के माध्यम से प्राप्त हुई है, हमारे चैनल के द्वारा इस आर्टिकल की किसी भी प्रकार से पुष्टि नहीं की गई है।
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